भोर की आवाज़, अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिक्षकों को आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की घोषणा को साकार रूप देते हुए राज्य कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 24 जनवरी 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में पारित इस प्रस्ताव से प्रदेश के लगभग 15 लाख शिक्षक-शिक्षिकाएं और उनके परिवार सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
शनिवार को सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर इस योजना की घोषणा की थी। अब इसे व्यावहारिक रूप देते हुए शिक्षकों की वर्षों से लंबित मांग को पूरा किया गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी कृष्णपाल सिंह लाला की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में तमाम शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
योजना की मुख्य विशेषताएं
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा संस्कृत शिक्षा परिषद के अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय

के वार्डन, पूर्णकालिक और अंशकालिक शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइये और उनके आश्रित परिवार के सदस्य शामिल होंगे।
योजना के अंतर्गत लाभार्थी सूचीबद्ध निजी एवं सरकारी अस्पतालों में प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार करा सकेंगे। सरकार इस योजना पर प्रतिवर्ष 448 करोड़ रुपये की प्रीमियम राशि वहन करेगी। केवल बेसिक शिक्षा विभाग के 12 लाख से अधिक लोग इससे लाभान्वित होंगे, जबकि कुल मिलाकर लगभग 15 लाख शिक्षक और एक लाख रसोइये तथा शिक्षामित्र इस योजना के दायरे में आएंगे।
पंजीकरण की प्रक्रिया

योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थियों और उनके परिवार के सदस्यों का पूरा विवरण हर वर्ष 30 जून तक उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पात्र लाभार्थियों को समय पर सुविधा मिल सके।
शिक्षक समाज में खुशी की लहर
एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यह पहल शिक्षक समाज की दीर्घकालीन मांग की पूर्ति करने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित और आत्मविश्वासी महसूस कराने वाली है। शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हार्दिक अभिनंदन और आभार व्यक्त किया है।
इस अवसर पर शिक्षक नेता नीरज शर्मा, पवन शर्मा, राजेश चौहान, सुशील शर्मा, डॉ. पुष्पेंद्र पचौरी, वीरपाल दिवाकर, कौशलेंद्र यादव, विजय विक्रम सिंह, ज्ञानेंद्र मिश्रा, नरेंद्र पाल सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
यह योजना शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के स्वास्थ्य और कल्याण की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है, जो शिक्षकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करते हुए उनकी सेवाओं को सम्मानित करता है।






Total Users : 2689
Total views : 4153