भोर की आवाज़ : दावोस (स्विट्ज़रलैंड), 21 जनवरी 2026। विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भारत की आर्थिक क्षमता को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2048 तक दूसरे स्थान पर पहुंच सकता है।
इंडिया पैवेलियन के उद्घाटन अवसर पर नायडू ने कहा, “भारत एक सोई हुई ताकत है। अगर हम पूरी तरह जाग गए तो 2047 तक नंबर वन भी बन सकते हैं। भारत एक सोता हुआ दिग्गज है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया है और अगले दो-तीन वर्षों में जर्मनी को पछाड़कर तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है। भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) फिलहाल लगभग 4.18 ट्रिलियन डॉलर है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही, जो छह तिमाहियों में सबसे अधिक है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने 2025 के लिए भारत की विकास दर 6.6 प्रतिशत और 2026 के लिए 6.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। विश्व बैंक और मूडीज़ ने भी भारत को तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल किया है।
सरकारी अनुमानों के अनुसार, भारत की GDP 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है, जिससे वह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। वहीं, ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न के तहत भारत की अर्थव्यवस्था के 30–35 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
दावोस में भारत की मजबूत मौजूदगी
इस वर्ष WEF में भारत का प्रतिनिधित्व अब तक का सबसे बड़ा रहा। चार केंद्रीय मंत्रियों के साथ महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और झारखंड के मुख्यमंत्रियों ने शिरकत की। इसके अलावा 100 से अधिक बड़े कॉर्पोरेट नेताओं ने भी भाग लिया।
आंध्र प्रदेश को निवेश केंद्र के रूप में पेश किया
मुख्यमंत्री नायडू ने आंध्र प्रदेश को निवेश के लिए प्रमुख गंतव्य बताते हुए कहा कि राज्य हरित ऊर्जा, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल अवसंरचना और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़े अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने विशाखापत्तनम में गूगल निवेश, काकीनाडा के ग्रीन अमोनिया प्लांट और राज्य में विकसित हो रही स्पेस सिटी जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया।
प्रवासी तेलुगु समुदाय के लिए घोषणाएं
ज्यूरिख में प्रवासी तेलुगु समुदाय को संबोधित करते हुए नायडू ने गैर-निवासी तेलुगु (NRT) उद्यमियों के लिए 50 करोड़ रुपये के कोष की घोषणा की। साथ ही विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए 4 प्रतिशत रियायती ब्याज दर पर शिक्षा ऋण देने की भी बात कही।
चुनौतियां और आगे की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को 2047 तक विकसित देश बनने के लिए निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन, महिला श्रम भागीदारी बढ़ाने और संरचनात्मक सुधारों पर लगातार काम करना होगा।
निष्कर्षतः, दावोस में मुख्यमंत्री नायडू का बयान भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक भूमिका और महत्वाकांक्षी भविष्य की ओर इशारा करता है। आने वाले वर्षों में यह देखना अहम होगा कि भारत इन लक्ष्यों को किस तरह साकार करता है।






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