अलीगढ़ 25/04/2024: भारतीय लोकतंत्र का सर्वोच्च पर्व लोकसभा चुनाव अपने दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है , उत्तर प्रदेश की बात करें तो 8 सीटों पर हुए मतदान के बाद अब दूसरे चरण की अलीगढ़, अमरोहा, बुलंदशहर, मथुरा, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर सीटों पर मतदान होना है ।
अलीगढ़ सीट की बात करें तो यहां स्थिति 2019 से काफी अलग है, क्योंकि टिकट वितरण से पूर्व भाजपा प्रत्याशी सतीश गौतम का विभिन्न प्रकरणों के चलते अलीगढ़ में विरोध चल रहा था, परंतु उत्तर प्रदेश में भाजपा का संगठनात्मक कार्यभार संभाल चुके और अब भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के एक वरिष्ठ पदाधिकारी की परिक्रमा ने सतीश गौतम के व्यापक विरोध के पश्चात भी सर्वे और ग्राउंड रिपोर्ट, वीडियो/ऑडियो एविडेंस दरकिनार करते हुए टिकट दिलवाई, वहीं से विरोध की सुगबुगाहट भाजपा खेमे के अंदर जाग गई |
वहीं दूसरी ओर इंडी गठबंधन की ओर से पूर्व सांसद और 3 बार विधायक रहे चौधरी बिजेंद्र सिंह को मैदान में उतारा गया है जिनका जाट वोटरों में निरंतर संपर्क रहता है वह विपक्ष के अलीगढ़ की राजनीति में प्रमुख चेहरा भी हैं | स्थिति और रोमांचक तब हो गई जब बसपा ने हितेंद्र उपाध्याय को लोकसभा अलीगढ़ से प्रत्याशी बनाया, हितेंद्र उपाध्याय भाजपा में वर्षों तक रहे और एक ब्राह्मण संगठन के माध्यम से सक्रिय व्यक्ति हैं ।
बसपा प्रत्याशी का भाजपा के पारंपरिक ब्राह्मण और वैश्य वोटरों में विश्वास प्रतिदिन बढ़ रहा है इसके पीछे भाजपा प्रत्याशी का न बदला जाना भी प्रमुख कारण माना जा रहा है । दिनांक 22 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अलीगढ़ स्थित नुमाइश मैदान में जनसभा हुई , इस जनसभा का अलीगढ़ के राजनीतिक विश्लेषकों को इंतज़ार था क्योंकि पूर्व में प्रधानमंत्री मोदी की रैली ने समीकरण हमेशा भाजपा के पक्ष में किए हैं | विश्लेषकों से बात करने पर यह संदेश निकल कर आया की पहले से त्रिकोणीय तय हो चुके समीकरण पर इस बार मोदी फैक्टर अलीगढ़ में असरदार नहीं है और कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है | वहीं दूसरी तरफ अलीगढ़ से सटी हाथरस लोकसभा के वोटर भाजपा प्रत्याशी बदले जाने के बाद खासा उत्साहित नज़र आए ।
लगातार हो रही क्षत्रिय समाज की बैठक और भाजपा से ही जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं का विपक्षी दलों के प्रत्याशी के साथ खुलकर आना भी भाजपा प्रत्याशी के लिए चिंता का विषय बन चुका है | इसके विपरीत इंडी गठबंधन के प्रत्याशी चौधरी विजेंद्र सिंह के पक्ष में लगातार जाट, यादव, बघेल, मुस्लिम मतदाताओं का लामबंद होना भी उन्हें बढ़त की स्थिति में दर्शा रहा है । अलीगढ़ के इस चुनावी रण को त्रिकोणीय बनाने वाले हितेंद्र उपाध्याय के पक्ष में बसपा का कैडर वोट लामबंद हो रहा है और भाजपा प्रत्याशी सतीश गौतम के वायरल वीडियो का लगातार ज़िक्र करते हुए ब्राह्मण सम्मेलन की श्रंखला बसपा प्रत्याशी बना रहे हैं | जिसमें ‘जीरा’ कहकर वह वीडियो पर ध्यान केंद्रित करा रहे हैं , ब्राह्मण वोटरों पर इसका असर बढ़ता जा रहा है ।
अलीगढ़ लोकसभा के अंतर्गत आने वाली विधानसभा कोल के ही एक ब्राह्मण बाहुल्य गांव में जब हमारे द्वारा जनता से चर्चा की गई तो एक बुजुर्ग मतदाता कहते हैं कि मोदी योगी से बैर नहीं है पर इस बार भाजपा प्रत्याशी को वोट नहीं जायेगा | ऐसा ही कुछ संदेश भाजपा के शक्ति केंद्र संभाल रहे कार्यकर्ताओं की तरफ से आ रहा है | 24 अप्रैल को चुनाव प्रचार अलीगढ़ में थम चुका है, जितने फैक्टर चुनाव में असर डालते हैं लगभग वह चुनावी रण में झोंके जा चुके हैं, लगभग तय हो चुके समीकरण पर अब इस सब बातों का कितना असर पड़ता है यह मतदान वाले दिन ही प्रदर्शित होगा ।







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2 thoughts on “भाजपा प्रत्याशी से नाराजगी बनी त्रिकोणीय संघर्ष का कारण”
कहो दिल से सतीश गौतम फिर से
भैया बहुत सुंदर कवरेज