अलीगढ़, 3 अप्रैल : बुधवार को अलीगढ़ लोकसभा के लिए कांग्रेस-सपा गठबंधन के संयुक्त प्रत्याशी बिजेंद्र सिंह एवं बसपा के उम्मीदवार हितेंद्र उपाध्याय ‘बंटी’ ने अपने -अपने समर्थकों की भारी भीड़ के साथ डीएम कार्यालय पहुंचकर अपने नामांकन पत्र जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किये | आज के नामांकनों के बाद चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ़ हो गयी है |
बुधवार दोपहर को सपा गठबंधन एवं बसपा के उम्मीदवारों ने अपने अपने समर्थकों के साथ अलीगढ़ लोकसभा के चुनाव हेतु नामांकन पत्र दाखिल किये | इसी के साथ राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गयी है | अलीगढ़ के चुनाव में अब बीजेपी की ओर से वर्तमान सांसद सतीश गौतम का सीधा मुकाबला पूर्व सांसद चौ० बिजेंद्र सिंह व सजातीय प्रत्याशी हितेंद्र उपाध्याय ‘बंटी’ से होगा | गौरतलब है कि सतीश गौतम वर्ष 2014 से लगातार सांसद है वही दूसरी ओर चौ ० बिजेंद्र सिंह पूर्व में कांग्रेस की टिकट पर सांसद रह चुके हैं | इसके साथ वह इगलास क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके हैं | लेकिन लगातार वह पिछले तीन लोक सभा चुनाव में बसपा व बीजेपी के हाथों हार का सामना कर रहे है | विगत दोनों लोकसभा चुनावों में वह अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए हैं | इसके बाद वह 2020 में सपा में शामिल हो गए |
वही दूसरी ओर बसपा अपने किसी भी कैडर के साथी को इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं बना पायी | पहले एआईएमआईएम से मेयर का चुनाव लड़ चुके गुफरान नूर को टिकट दिया था जोकि बीमारी के चलते मैदान से हट गए | इसके बाद उनके स्थान पर बसपा उम्मीदवार के रूप में रातोंरात बीजेपी छोड़ शामिल हुए हितेंद्र उपाध्याय ‘बंटी’ को मौका दिया गया है | बंटी एकदम नया चेहरा होने के साथ- साथ बीजेपी की विचारधारा वाले नेता माने जाते है| ऐसे में देखना होगा कि चुनावी ऊंट किस करवट बैठेगा |
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब अलीगढ़ में प्रमुख रूप से मुसलमान, ब्राह्मण ,ठाकुर, जाट ,लोध ,यादव ,बघेल,वैश्य आदि वोटर प्रत्याशी की जीत हार मेंप्रमुख भूमिका अदा करेंगे |








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