मुंबई. कोविड-19 महामारी के दौरान प्रवासियों को ‘खिचड़ी’ के वितरण में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के करीबी सहयोगी सूरज चव्हाण के खिलाफ चार्ज-शीट दायर किया है. मालूम हो इस मामले में चह्वाण को ईडी ने 17 जनवरी को गिरफ्तार किया था तब से वह न्यायिक हिरासत में हैं.
ईडी द्वारा यह आरोप-पत्र धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामलों के विशेष न्यायाधीश एम.जी. देशपांडे के समक्ष दायर किया गया. आरोप-पत्र का विवरण फिलहाल उपलब्ध नहीं हो सका है. चव्हाण को इस साल 17 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.
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क्या था मामला?
मनी लॉन्ड्रिंग मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की एक प्राथमिकी पर आधारित है. जांच एजेंसी के अनुसार, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने कोरोना महामारी के दौरान प्रवासियों के बीच ‘खिचड़ी’ के पैकेट के वितरण के लिए ‘फोर्स वन मल्टी सर्विसेज’ के बैंक खाते में 8.64 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए. लॉकडाउन के दौरान बृह्नमुंबई नगर निगम (BMC) ने मुंबई में फंसे कामगारों और प्रवासियों के लिए खिचड़ी बांटने का प्रबंध किया था. बीएमसी ने ऐसी कंपनी को खिचड़ी बांटने का ठेका दिया, जिसने घोटाला किया. कंपनी पर आरोप है कि प्रवासियों को कम खिचड़ी दी जाती थी. 250 ग्राम पैकेट में आधा ही हिस्सा रहता था.

करोड़ो का स्कैम
जांच एजेंसी के अनुसार, ‘फोर्स वन मल्टी सर्विसेज’ ने स्कैम कर 3.64 करोड़ रुपये की कमाई अर्जित की, जिसमें से 1.25 करोड़ रुपये चव्हाण के निजी बैंक खाते में और 10 लाख रुपये उनकी साझेदारी वाली कंपनी ‘फायर फाइटर्स एंटरप्राइजेज’ के बैंक खाते में भेज दिए गए. इस तरह, चव्हाण ने गलत तरीके से अपराध की कमाई अर्जित की. ईडी ने कहा है कि 1.35 करोड़ रुपये का इस्तेमाल उन्होंने संपत्ति खरीदने और डेयरी व्यवसाय में निवेश के लिए किया.
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Tags: Maharahstra, Shivsena, Uddhav thackeray
FIRST PUBLISHED : March 15, 2024, 22:23 IST






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