भोर की आवाज़, नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार 1 फरवरी 2026 को संसद में अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। इस बजट के साथ ही वित्त मंत्री सीतारमण विश्व की पहली महिला वित्त मंत्री बन गईं, जिन्होंने लगातार नौवीं बार किसी देश का बजट पेश किया। यह भारत के इतिहास में पहली बार है जब रविवार के दिन केंद्रीय बजट पेश किया गया। बजट में 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य पर विशेष फोकस रखा गया है।
आर्थिक लक्ष्य और राजस्व
वित्त मंत्री ने बजट में 27.7 लाख करोड़ रुपये की आय का अनुमान व्यक्त किया है। सरकार चालू वित्त वर्ष में 17.2 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लेगी। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, जो सरकार की नीतियों की सफलता को दर्शाता है।
कर और टैक्स से जुड़ी अहम घोषणाएं
इनकम टैक्स में कोई राहत नहीं
मध्यम वर्ग को बजट से सबसे बड़ी निराशा इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न होने से हुई। करदाताओं को टैक्स स्लैब में राहत की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने इस मोर्चे पर कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि, नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिससे टैक्स प्रणाली को सरल बनाने का प्रयास किया जाएगा।
विदेशी आय और कर चोरी पर सख्ती
बजट में विदेशी आय पर कड़े प्रावधान किए गए हैं। एक करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी आय पर 30 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा। अघोषित आय पर 30 प्रतिशत जुर्माना लगेगा। हालांकि, टैक्स गड़बड़ी पर अब सजा नहीं होगी, सिर्फ जुर्माना लगाया जाएगा।
विदेश में पढ़ाई पर TCS में कटौती
विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए राहत देते हुए TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे विदेश यात्रा करना भी सस्ता होगा।
MSME और उद्योग क्षेत्र को बड़ा बूस्ट
लघु उद्योगों के लिए बड़ा पैकेज
सरकार ने MSME सेक्टर को मजबूत करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। लघु उद्योगों के लिए अलग से 7,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यह कदम रोजगार सृजन और छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहन देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर पर फोकस
इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ की शुरुआत की घोषणा की है, जिससे भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। कंटेनर निर्माण के लिए 10,000 करोड़ रुपये अलग से आवंटित किए गए हैं।
बायोफार्मा सेक्टर में निवेश
बायोफार्मा सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसके अलावा ग्लोबल बायोफार्मा सेंटर स्थापित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन का विकास
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
देश में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनमें दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी कॉरिडोर प्रमुख हैं। यह परियोजनाएं देश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगी।
जलमार्ग और इलेक्ट्रिक बसें
देश में 22 नए जलमार्ग विकसित किए जाएंगे। नॉर्थ ईस्ट में 4,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी, जो पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देगी। चार राज्यों में खनिज कॉरिडोर (मिनरल कॉरिडोर) भी स्थापित किए जाएंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत
कैंसर और डायबिटीज की दवाएं सस्ती
स्वास्थ्य क्षेत्र में आम जनता को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने कैंसर की 17 दवाओं को सस्ता करने की घोषणा की है। डायबिटीज और ऑटो-इम्यून बीमारियों की दवाएं भी सस्ती होंगी। यह कदम मध्यम और निम्न आय वर्ग के मरीजों के लिए वरदान साबित होगा।
आयुर्वेद को बढ़ावा
देश में 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे। इससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
शिक्षा और महिला सशक्तिकरण
हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल
बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की है। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की लड़कियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। निजी विश्वविद्यालयों को भी सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी।
महिलाओं के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम
महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम शुरू की जाएगी। इससे महिलाओं को आसानी से ऋण मिल सकेगा और वे अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगी।
सामाजिक कल्याण योजनाएं
सरकार ने दिव्यांग सहारा योजना और महात्मा गांधी हैंडलूम योजना की घोषणा की है। पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार टूरिस्ट गाइड को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीर्थ और पर्यटन स्थलों का व्यापक विकास किया जाएगा।
उपभोक्ताओं को राहत
ये चीजें होंगी सस्ती
बजट में आम उपभोक्ताओं को राहत देते हुए कई उत्पादों पर सीमा शुल्क में कटौती की गई है। मोबाइल फोन, EV बैटरी, सोलर उपकरण, जूते, बैटरी, माइक्रोवेव ओवन और एयरक्राफ्ट पार्ट्स सस्ते होंगे। CNG और बायोगैस भी सस्ती होगी, जिससे परिवहन लागत में कमी आएगी।
ये चीजें होंगी महंगी
दूसरी ओर, खनिज, शराब और स्क्रैप महंगे हो जाएंगे, क्योंकि इन पर सीमा शुल्क में वृद्धि की गई है।
क्षेत्रीय विकास पर जोर
सरकार ने टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए विशेष योजना की घोषणा की है। भारत विस्तार कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। काजू और कोको उत्पादन के लिए विशेष योजना लाई जाएगी।
FEMA में सुधार
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) की समीक्षा की जाएगी और इसे और सरल बनाया जाएगा।
शेयर बाजार में भारी गिरावट
बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 1,600 से 1,850 अंकों तक टूट गया, जबकि

निफ्टी में 524 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि इनकम टैक्स में राहत न मिलने और कुछ क्षेत्रों में अपेक्षित घोषणाएं न होने से निवेशकों में निराशा है।
विपक्ष और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
विपक्षी दलों ने बजट को मध्यम वर्ग के साथ विश्वासघात करार दिया है। उनका कहना है कि महंगाई के दौर में टैक्स में राहत न देना आम जनता के साथ अन्याय है। हालांकि, MSME और स्वास्थ्य क्षेत्र में की गई घोषणाओं की सराहना की गई है।
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि बजट विकास और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित है, लेकिन तत्काल उपभोग को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए हैं। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह बजट दीर्घकालीन योजनाओं पर अधिक फोकस करता है।
कुल मिलाकर, यह बजट उद्योग, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर देता है, लेकिन मध्यम वर्ग की अपेक्षाओं को पूरा करने में विफल रहा है।






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